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फादर टोम उज़हून्नलिल के जल्द रिहाई की उम्मीद, सुष्मा स्वराज

फादर टोम उज़हून्नलिल दुर्बल स्थिति में - RV

24/08/2017 16:18

नई दिल्ली, बृहस्पतिवार, 24 अगस्त 17 (ऊकान): यमन में अपहरण के शिकार काथलिक पुरोहित टोम उज़हून्नलिल जीवित हैं तथा वे जल्द ही रिहा किये जायेंगे। यह भारत की विदेश मंत्री सुष्मा स्वराज ने कही।

सलेशियन सूचना सेवा की रिपोर्ट अनुसार सलेशियन पुरोहितों के एक प्रतिनिधि मंडल ने विदेश मंत्री सुष्मा स्वराज से हाल में मुलाकात की थी जिन्होंने एक साल पहले यमन में अपहरण के शिकार फा. टोम के रिहाई हेतु उनसे आग्रह किया था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेश मंत्री ने प्रतिनिधि मंडल के समक्ष इस बात को बार बार दोहराया कि उनकी आजादी हासिल करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।

विदेश मंत्री ने कहा कि वे उज़हून्नलिल के अकल्पित आघात और पीड़ा को एहसास कर सकते हैं।

सलेशियन फा. टोम उज़हून्नलिल का अपहरण 4 मार्च 2016 को एक आतंकी समूह द्वारा यमन के अदन स्थित मिशनरीस ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित वृद्धाश्रम में, हमला के दौरान किया गया था। जिसमें 16 लोगों सहित चार धर्मबहनों को बंदुक से मार डाला गया था। फा. टोम उस केंद्र में एक आध्यात्मिक संचालक के हैसियत से ख्रीस्तयाग अर्पित करने हेतु वहाँ उपस्थित थे। वे डॉन बॉस्को धर्मसमाज के बैंगलोर प्रोविंस के सदस्य हैं।

इस अपहरण की जिम्मेदारी आज तक किसी आतंकी दल ने नहीं ली है किन्तु संदेह किया जा रहा है कि हमला के पीछे इस्लामिक स्टेट के आतंकियों का हाथ है।

सुष्मा स्वराज ने सलेशियन पुरोहितों को बतलाया कि भारत सरकार ने फा. टोम उज़हून्नलिल की रिहाई को उच्च प्राथमिकता दी है किन्तु उन्होंने यह नहीं कहा कि वे पुरोहित की रिहाई के लिए कुछ कर रहे हैं। 

मई महीने में एक वीडियो जारी किया गया था जिसमें दुबले दिखाई देने वाले फा. टोम ने संत पापा फ्राँसिस से निराशा व्यक्त करते हुए आग्रह किया था कि कलीसिया ने उसकी आजादी के लिए अधिक काम नहीं किया है।

 


(Usha Tirkey)

24/08/2017 16:18