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कोरियाई धर्माध्यक्ष द्वारा शांति हेतु प्रार्थना की मांग

उत्तरी कोरिया के निकट अमरीकी सैन्य बल, उत्तरी कोरिया ने बृहस्पतिवार को कहा है कि वह अमरीका के गुआम क्षेत्र में मिसाईल हमला की तैयारी कर रहा है - AP

10/08/2017 16:26

कोरिया, बृहस्पतिवार, 10 अगस्त 2017 (वीआर अंग्रेजी): कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ते तनाव और उत्तरी कोरिया के मिसाइल और परमाणु धमकी के बाद, दक्षिण कोरियाई धर्माध्यक्षों ने स्थिति में बदलाव लाने हेतु आध्यात्मिक सहायता मांग की है।

धर्माध्यक्षों ने 15 अगस्त धन्य कुँवारी मरियम के स्वर्गोदग्रहण महापर्व के अवसर पर विश्वासियों से माता मरियम की मध्यस्थता द्वारा प्रार्थना करने की मांग की है।

सेओल के धर्माध्यक्ष कार्डिनल अन्ड्रू योम सो जुंग द्वारा विश्वासियों को प्रेषित संदेश में कहा गया है कि वे फातिमा की माता मरियम की मध्यस्थता द्वारा रोजरी माला विन्ती करें। फातिमा में माता मरियम ने दर्शन देकर पापियों के मन-फिराव एवं विश्व में शांति हेतु रोजरी माला विन्ती करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि रोजरी हमारी आध्यात्मिक हथियार है जिसके द्वारा हम बुराई के प्रभाव पर विजय पा सकते हैं, हमारे विश्वास में चुनौतियों से ऊपर उठ सकते हैं तथा शांति निर्माता बन सकते हैं। 

15 अगस्त माता मरियम का स्वर्गोदग्रहण महापर्व कोरिया के इतिहास से जुड़ा है। कोरिया को 15 अगस्त 1945 में जापानी औपनिवेशिक शासन से आजादी मिली थी। कोरिया के काथलिक इस आजादी को माता मरियम का उपहार मानते हैं।

कार्डिनल ने कहा, ″कोरिया के सभी लोगों की सुरक्षा तथा भविष्य के लिए उत्तर कोरिया को वार्ता की मेज पर आना चाहिए और उन्हें अपने परमाणु हथियारों को त्याग देना चाहिए।″

उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम के कारण संकट ख़तरनाक स्तर पर पहुंच गया है। पिछले चार दशकों से उत्तर कोरिया को समझाने की कोशिश जारी रही कि वह अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को रद्द कर दे।  

उत्तर कोरिया ने कहा है कि वह अमरीकी क्षेत्र गुआम पर मिसाइल हमले की तैयारी कर रहा है।

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया की धमकी को ऐसा जवाब देने का संकल्प जताया है जो दुनिया के लिए बिल्कुल नई होगी।

दीजेओन के धर्माध्यक्ष लाजरूस ने अपने संदेश में कहा, ″कलीसिया को चाहिए कि वह शांति एवं जीवन की संस्कृति को प्रोत्साहित करे न कि मृत्यु की, जो कोरिया पर मडरा रहा है। हमें अपनी शांति की सुरक्षा करनी चाहिए तथा दया और शांति के लिए प्रार्थना अर्पित करना चाहिए।

उन्होंने विश्व के नेताओं से अपील की है कि वे कोरिया में तनाव के समाधान हेतु एक साथ कार्य करें।    

संत पापा फ्राँसिस ने विगत 2014 में 6वें एशियाई युवा दिवस के अवसर पर 18 अगस्त को सियोल के महागिरजाघर में ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए कोरिया प्रायद्वीप में शांति एवं मेल मिलाप हेतु प्रार्थना अर्पित की थी। 


(Usha Tirkey)

10/08/2017 16:26