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एशियाई युवा दिवस में मुस्लिम युवाओं की सहभागिता

7वाँ एशियाई युवा दिवस - RV

08/08/2017 16:39

योग्यकार्ता, मंगलवार, 8 अगस्त 17 (एशियान्यूज़): विभिन्न मुस्लिम संगठनों के सौ से अधिक स्वयंसेवकों ने 7वें एशियाई युवा दिवस (योग्यकार्ता 2-6 अगस्त) की सफलता हेतु अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसमें विभिन्न देशों के 2,000 से अधिक युवाओं ने भाग लिया।

चार दिवसीय इस अवसर पर अंतरधार्मिक वार्ता के महत्व एवं देश में शांति पूर्ण सहअस्तित्व पर प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों ने सहअस्तित्व पर कई सभाओं में भाग लिया तथा विभिन्न धार्मिक मूल्यों को साक्षा किया। मुस्लिम स्वयंसेवकों ने इस अवसर पर सुरक्षा कार्यों सहित कई विभागों में उत्साहपूर्वक सहायता प्रदान की।

सभा में इंडोनेशिया की वर्तमान स्थित की चुनौतियों को प्रस्तुत किया गया। वास्तव में, दुनिया के सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ असहिष्णुता के कृत्यों में तेज से वृद्धि देखी गयी है।

शांतिपूर्ण सहअस्तित्व तथा इंडोनेशिया के बहुलवादी परंपरा में कुछ इस्लामिक चरमपंथी संगठनों द्वारा भय उत्पन्न करने के कारण सामाजिक तनाव उत्पन्न हो गया है।

एक मुस्लिम स्वयं सेवक रिफकी फैरूज़ ने कहा, ″ऐसी स्थिति में, इस अवसर को सफलता प्रदान कराने की जिम्मेदारी इंडोनेशिया तथा इसके मुसलमानों की बनती है।″

उन्होंने कहा, ″"हम मुस्लिम स्वयंसेवक हमारे समय को एआईडी प्रतिभागियों को 'सीखने वाले साथी' के रूप में समर्पित करने को तैयार हैं। हम विभिन्न मुस्लिम संगठनों का प्रतिनिधित्व करते हैं जैसे- नहदलला उललाम और मुहम्मदिया।"

उनमें से कई योग्यकार्ता में इस्लामिक विश्वविद्यालयों के छात्र हैं जबकि कुछ स्थानीय इस्लामी बोर्डिंग स्कूल के छात्र। ए.वाई.डी अंतरधार्मिक एवं अंतर-संस्कृति के बीच आदान-प्रदान करने का एक अच्छा अवसर है। ताकि एशिया में विविधता, बहिष्कारवाद द्वारा नष्ट न किया जाए।

काथलिकों एवं मुसलमानों के बीच प्रमुख आदान-प्रदान सम्मेलन के तीसरे दिन के प्रदर्शनी सत्र में हुआ जिसकी विषयवस्तु थी ″विविधता में एकता″।

प्रतिभागियों ने विभिन्न दलों में विभक्त हो कर योग्यकार्ता के 25 प्रसिद्ध स्थलों का दौरा किया। इन अवसरों पर सुरक्षा का भार मुस्लिम स्वयंसेवकों ने लिया। सत्र के समय युवा मुसलमानों ने अपने विचार भी बांटें। 


(Usha Tirkey)

08/08/2017 16:39