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गोवा के लोग विध्वंसकारी हमले में विभाजन की योजना देखते हैं

प्रतीकात्मक तस्वीर - REUTERS

10/07/2017 15:51

पणजी, सोमवार 10 जुलाई (उकान) : ख्रीस्तीय बहुल क्षेत्र के गाँवों में 1 से 7 जुलाई के बीच पांच क्रूस और कृष्ण मंदिर के अंदर एक मूर्ति को नष्ट कर दिये जाने पर लोगों का गुस्सा चढ़ गया।

गोवा के मुख्यमंत्री ने इस संदेह की पुष्टि की है कि पश्चिमी भारतीय राज्य, पूर्व पोर्तुगीज कॉलोनी में कम से कम सात धार्मिक प्रतीकों का बर्बरतापूर्ण विध्वंस हिंदुओं और ख्रीस्तीयों के बीच "किसी तरह का तनाव" बनाने की योजना का हिस्सा हो सकता है।

मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने 4 जुलाई को एक मीडिया सम्मेलन में कहा कि ख्रीस्तीय-बहुमत वाले क्षेत्रों में होने वाली घटनाएं एक ही समूह का काम हो सकता है।

अनेक समुदाय के नेताओं ने भी अपनी चिंताओं को व्यक्त किया है कि विध्वंस करने वालों का उद्देश्य राज्य में हिंदू-ख्रीस्तीय मित्रता को नष्ट करना है। गोवा में 1.8 मिलियन लोगों की जनसंख्या का 25 प्रतिशत ख्रीस्तीय हैं और लगभग सभी काथलिक हैं।

गोवा काथलिक संघ के अध्यक्ष एडविन फोन्सेका ने कहा, "गोवा में सांप्रदायिक सद्भाव नष्ट करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ मजबूत कार्रवाई की जानी चाहिए।"

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता, दत्ताप्रसाद नाइक ने कहा, गोवा में "हम सब सद्भाव में रहते हैं" और "यदि कोई शांति और सांप्रदायिक सद्भाव में बाधा डालता है, तो उन्हें सख्त सजा दी जानी चाहिए।"

एक ग्राम निवासी और सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी जोस कारमिनो ने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा, "सरकार का भरोसा दिलाना नाम मात्र के लिए है। वे पिछली बार भी क्रूस के तोड़फोड़ में शामिल लोगों को पकड़ने में नाकाम रहे हैं।"

स्थानीय मीडिया के रिपोर्ट अनुसार दक्षिण गोवा के ख्रीस्तीय बहुल कुर्चोम शहर में 6 जुलाई को अज्ञात लोगों ने दो क्रूस को तोड़ दिया।

3 जुलाई को भी दक्षिण गोवा के कुर्टोरिम गाँव में दो क्रूस तोड़ दिये गये थे और उसी दिन माग्रो गांव में कृष्ण मंदिर के अंदर एक मूर्ति को नष्ट कर दिया गया था।

2 जुलाई सुबह को चन्दोर और पारोदा गांव के क्रूस टूटे मिले। पारंपरिक रुप में ख्रीस्तीय सड़कों के किनारे क्रूस की स्थापना करते हैं।

भाजपा विधायक निलेश काब्राल ने भी घटनाओं की निंदा की और कहा कि सामाजिक-विरोधी तत्व शांति को भंग करने की कोशिश कर रहे हैं। "गोवा के लोग एकजुट हैं और हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। हम शांति और सांप्रदायिक सद्भाव में रहते हैं, लेकिन यदि कोई भी विरोधी-सामाजिक तत्व इसे परेशान करने की कोशिश करता है, तो हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।"


(Margaret Sumita Minj)

10/07/2017 15:51