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वाटिकन औद्योगिकी केंद्र श्रमिकों के हेतु संत पापा का मिस्सा

वाटिकन औद्योगिकी केंद्र श्रमिक, संत पापा मिस्सा - AFP

07/07/2017 17:47

वाटिकन सिटी शुक्रवार 07 जुलाई 2017 (रेई) संत पापा फ्रांसिस ने वाटिकन औद्योगिकी केंद्र श्रमिकों हेतु मिस्सा बलिदान अर्पित किया।

मिस्सा बलिदान के दौरान संत पापा ने श्रमिकों द्वारा दिये गये निमंत्रण हेतु धन्यवाद अदा करते हुए कहा कि येसु ख्रीस्त हमारे जीवन में आते, हमें जानते और हमारे कार्यों को समझते हैं।
सुसमाचार पर अपना चिंतन प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि येसु ने मत्ती को उसके कार्य स्थल से बुलाया। वह अपने कार्यों के लिए घृणित था क्योंकि वह अपने ही लोगों से चुंगी जमा करता उसे रोमी साम्राज्य को सुपुर्द करते हुए अपने देश की स्वतंत्रता को दाव में लगाता था। वह एक देशद्रोही समझ जाता था लेकिन येसु उसे अपने कार्य के बुलाते हैं। येसु लोगों के बीच से उनका चुनाव करते हैं जो अपने में सबसे खराब हैं। येसु मत्ती द्वारा भोज में आमंत्रित किये जाते जहाँ हम उसकी खुशी को देखते हैं।

उन सारी चीजों को देख कर फरीसी जो अपने को धर्मी मानते थे उनकी टीका-टिप्पणी करते हैं,“क्यों तुम्हें गुरु पापियों के साथ उठते-बठैते हैं।”  इस पर येसु उन से कहते हैं, “मैं धर्मियों को नहीं बल्कि पापियों को बुलाने आया हूँ।”

संत पापा ने कहा कि यह मुझे बहुत अधिक सांत्वना प्रदान करता है क्योंकि मुझे इस बात की अनुभूति होती है कि येसु मेरे लिए आये हैं। उन्होंने कहा कि यह हम सभों की एक उपाधि है, इस पर हमने स्नातक किया है। हम सब इस बात से वाकिफ हैं कि हमारी कमजोरी क्या है, हमारे पाप क्या हैं। सर्वप्रथम हमें इस बात को स्वीकार करने की जरूरत है, “हम में कोई पाप रहित नहीं है।” फरीसियों ने इस बात से इनकार किया और येसु उन्हें फटकारते हैं। वे अपने में बहुत बड़ा दिखावा करते थे क्योंकि वे अपने को दूसरे से बड़ा समझते थे। सच तो यह है कि हम सब पापी हैं। यह हमारी पहचान है जो हमें येसु को अपनी ओर आकर्षित करता है। येसु हमारे सभों के लिए आते हैं क्योंकि हम सभी पापी हैं।

संत पापा ने कहा कि येसु कहते हैं, “जो निरोग हैं उन्हें वैध की जरूरत नहीं होती, वरन जो रोगी हैं उन्हें चिकित्सकों की आवश्यकता होती है जाकर इस तथ्य तो समझने की कोशिश करो, मैं त्याग नहीं दया चाहता हूँ। मैं धर्मियों को नहीं वरन पापियों को बुलाने आया हूँ।”  

उन्होंने कहा कि जब मैं इन वचनों को पढ़ता हूँ तो मैं अपने में यह अनुभव करता हूँ कि येसु मुझे बुलाते हैं, वे हम सभों को अपने पास बुलाते हैं। यह हमारे लिए सांत्वना का विषय है हमारा भरोसा है क्योंकि वे हमें क्षमा करते, हमारी आत्मा को शुद्ध करते हैं। “लेकिन मैं कमजोर हूँ, मैं गिर जाता हूँ...।” लेकिन येसु मुझे उठाते हैं वे हमें क्षमा प्रदान करते हैं। वे हमें अपनी शक्ति और खुशी प्रदान करते हैं अतः हम न डरें। हम अपने जीवन में कितनी भी बड़ी गलती क्यों न की हो, हम अपने मैं जैसे भी हैं, येसु हमें प्रेम करते हैं।

संत पापा ने महान संत जेरोलामो कि चर्चा करते हुए कहा कि येसु हम से उसकी तरह अपने पापों की माँग करते हैं। “मुझे आपने पापों को दे दो।” यह सुनना हमारे लिए कितना अच्छा लगता है, “मुझे अपने पापों, अपनी कमजोरियों को दे दो, मैं उन्हें चंगाई प्रदान करुंगा और तुम आगे बढ़ोगे।” 

महीने का प्रथम शुक्रवार हमें येसु के पवित्र हृदय की याद करने को निमंत्रण देता है जहाँ हम येसु की माँग को समझने हैं जो हमें सभी पापों से शुद्ध करते और हमें अपनी खुशी प्रदान करते हैं।

इस मिस्सा बलिदान के दौरान संत पापा ने वाटिकन के एक कार्यकर्ता संन्द्रो की मृत्यु पर उनके लिए विशेष प्रार्थना अर्पित की।


(Dilip Sanjay Ekka)

07/07/2017 17:47