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संत पापा ने ज्योतिषियों पर विश्वास नहीं करने की सलाह दी

संत मर्था में अंतिम ख्रीस्तयाग अर्पित करते संत पापा

27/06/2017 15:34

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 27 जून 2017 (रेई): संत पापा फ्राँसिस ने विश्वासियों से कहा कि वे कुंडली न देखें और न ही किसी भविष्यवक्ता से अपना भविष्य जानने का प्रयास करें बल्कि विस्मय के रास्ते से होकर ईश्वर को हमारी अगुवाई करने दें।

सोमवार को वाटिकन स्थित प्रेरितिक आवास संत मर्था में ग्रीष्म अवकाश के पूर्व संत पापा का यह अंतिम ख्रीस्तयाग था।

संत पापा ने अपने प्रवचन में अब्राहम के जीवन की उस घटना पर चिंतन किया जहाँ ईश्वर उन्हें अपना देश, अपनी भूमि और पिता के घर को छोड़, अपने संबंधियों के साथ अंजान देश की ओर जाने का आदेश देते हैं। अब्राहम यद्यपि उस समय 75 साल का हो चुका था उन्होंने ईश्वर के इस आदेश का पालन किया। संत पापा ने ख्रीस्तीयों को निमंत्रण दिया कि वे बहुत अधिक व्यवस्थित, स्थिर एवं तय स्थिति में न रहें।

उन्होंने कहा, ″एक ख्रीस्तीय जीवन शैली तीन आयामों पर आधारित है- "त्याग", "वादा" और "आशीर्वाद"।

एक ख्रीस्तीय होने के लिए ये आयाम हमेशा लागू होते हैं। ये आयाम येसु के क्रूस पर बलिदान को व्यक्त करते हैं।

संत पापा ने कहा कि इसके लिए सदा आगे बढ़ने की आवश्यकता है पहल करने की तथा अपनी भूमि, परिवार एवं पिता के घर को त्यागने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि पवित्र बाईबिल एवं सुसमाचार उदाहरणों से भरे हैं जहाँ नबी एवं शिष्य आगे बढ़ने के लिए बुलाये जाते हैं। ख्रीस्तीयों में ये क्षमता होनी चाहिए कि वे आसानी से त्याग एवं छोड़ सकें अन्यथा वे सच्चे ख्रीस्तीय नहीं हो सकते। अब्राहम ने विश्वास में ईश्वर की आज्ञाओं का पालन किया तथा विरासत प्राप्त करने के लिए एक अंजान देश की ओर प्रस्थान किया।

संत पापा ने कहा, ″एक ख्रीस्तीय भविष्य को जानने के लिए जन्म कुंडली नहीं देखता और न ही कांच की गेंद पढ़ने या हथेली की रेखा देखने वाले भविष्यवक्ता से परामर्श लेता है। एक ख्रीस्तीय ईश्वर द्वारा संचालित होने के लिए अपने आपको समर्पित कर देता है जो हमारे लिए अपनी प्रतिज्ञाओं को पूरा करते हैं। 

हम प्रतिज्ञाओं की ओर आगे बढ़ने के लिए बुलाये गये हैं जिसपर अब्राहम चले। अब्राहम ने विशाल इमारत नहीं बनवाया बल्कि तम्बू ताना जो दर्शाता है कि वे यात्रा पर थे एवं ईश्वर पर भरोसा रखते थे। उन्होंने एक वेदी बनायी जहाँ वे ईश्वर की उपासना कर सके तथा उन्होंने चलना जारी रखा।

संत पापा ने कहा कि एक ख्रीस्तीय हर नई सुबह की शुरूआत प्रभु पर भरोसा रखते हुए करता तथा कई आश्चर्यों के लिए खुला होता है।

संत पापा ने कहा कि ख्रीस्तीय हमेशा दूसरों के लिए आशीर्वाद लेकर चलते हैं। प्रभु एवं दूसरों के बारे अच्छी बातें करते हैं तथा अपनी राह पर आने वाले लोगों के लिए आशीर्वाद की कामना करते हैं।  उन्होंने कहा कि यही ख्रीस्तीय जीवन शैली है।

संत पापा ने गौर किया कि ईश्वर द्वारा अब्राहम को दी गयी जीवन की शिक्षा का अनुसरण नहीं करते हुए हम कई बार दूसरों की बुराई करते हैं।

संत पापा ने प्रार्थना की कि हम प्रभु द्वारा वापस ले लिये जाने के लिए सदा तत्पर रहें एवं उनकी प्रतिज्ञा पर भरोसा रख सकें। 


(Usha Tirkey)

27/06/2017 15:34