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संत पापा फ्राँसिस \ मुलाक़ात

संत पापा ने अहिरा धर्मप्रांत के प्रतिनिधियों से मुलाकात की

नाईजीरिया के अहिरा धर्मप्रांत के प्रतिनिधियों से मुलाकात करते हुए संत पापा फ्राँसिस

12/06/2017 16:25

रोम, सोमवार, 12 जून 2017 (आरईआई) : संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन में 8 जून को नाईजीरिया के अहिरा धर्मप्रांत के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर कहा कि उनके लिए नियुक्त धर्माध्यक्ष को इनकार करने पर उन्हें "गहरा दुःख" पहुँचा था।

बैठक में संत पापा ने स्पष्ट रूप से अनुरोध किया कि अहिरा धर्मप्रांत की कलीसिया धर्माध्यक्ष पीटर एबेरे ओक्पालेके को स्वीकार करे जिसे सन् 2012 में संत पापा बेनेडिक्ट द्वारा अहिरा के लिए नियुक्त किया गया था।

कठोर भाषा के लिए क्षमा मांगते हुए संत पापा ने कहा कि धर्माध्यक्ष को धर्मप्रांत में आने से रोकने पर अहिरा की कलीसिया विधवा के समान है। उन्होंने संत मत्ती के उस दृष्टांत को याद किया जहाँ हत्यारे किरायेदार मालिक की विरासत को हड़पना चाहते थे।"इस वर्तमान परिस्थिति में, अहीरा धर्मप्रांत , दूल्हे के बिना है, वह फलदायी नहीं हो सकती क्योंकि उसने जन्म देने की क्षमता को खो दिया है। धर्माध्यक्ष पीटर एबेरे द्वारा अहिरा धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष के रुप पदभार लेने का विरोध करने वाला कोई भी व्यक्ति कलीसिया को नष्ट करना चाहता है।" संत पापा ने कहा कि ऐसी परिस्थिति में जहाँ कलीसिया दुःख सह रही है, वे तटस्थ नहीं रह सकते।

धर्मप्रांत की इस परिस्थिति के प्रत्युत्तर में संत पापा ने कहा,″एक महीने के अंदर अहिरा धर्मप्रांत का हर पुरोहित चाहे वह धर्मप्रांत में या विदेश में काम करता हो माफी मांगते हुए मुझे एक पत्र लिखे। सभी को व्यक्तिगत रूप से लिखना चाहिए इस दुःख को हम सभी को मिलकर सहन करना चाहिए।"

संत पापा ने कहा, इन तीस दिनों के अंदर अर्थात आज से लेकर 9 जुलाई तक जो भी ऐसा करने में विफल रहता है उसे धार्मिक अनुष्ठान से निलंबित किया जाएगा और अपने वर्तमान कार्यालय से भी पदच्युक्त होना पड़ेगा।"

उन्होंने कहा, इस तरह की कार्रवाई आवश्यक थी, "क्योंकि ईश्वर के लोगों को आघात पहुँचा है। येसु हमें याद दिलाते हैं कि जो भी अपवाद का कारण बनता है उसे परिणाम भुगतना होगा। हो सकता है किसी ने कलीसियाई समुदाय को इतना भारी दुःख पहुंचाने की पूरी जानकारी बिना हेर-फेर कर दिया हो।

अबुजा महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष एवं अहीरा के प्रेरितिक प्रशासक कार्डिनल जोन ओनायेकान ने संत पापा को धन्यवाद दिया। उनकी टिप्पणी के बाद, सुसमाचार प्रचार हेतु गठित परमधर्मपीठ के अध्यक्ष कार्डिनल फर्नांडो फिलोनी ने संत पापा से आग्रह किया कि अहीरा की परिस्थिति सामान्य हो जाने पर अहीरा धर्मप्रांत की कलीसिया अपने धर्माध्यक्ष के साथ क्या रोम की तीर्थयात्रा कर उनसे मिलने आ सकती है। संत पापा ने उनके अनुरोध को स्वीकार किया।


(Margaret Sumita Minj)

12/06/2017 16:25