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'अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता वैश्विक चुनौतियों के समाधान हेतु आवश्यक' : परमधर्मपीठ

जेनेवा में मानवाधिकार परिषद का 35 वां सत्र - REUTERS

07/06/2017 14:48

जेनेवा, बुधवार,7 जून 2017 (वीआर रेई) : परमधर्मपीठ ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे वैश्विक चुनौतियों का समाधान देशों के बीच एकजुटता और सहयोग के साथ करें।

संयुक्त राष्ट्र में परमधर्मपीठ के स्थायी पर्यवेक्षक महाधर्माध्यक्ष इवान जुर्कोविक ने जेनेवा में मानवाधिकार परिषद के 35 वें सत्र में यह अपील की थी।

उन्होंने कहा,″ हमारे मानव परिवार की भलाई और विकास तथा सबकी की रक्षा और मौलिक मानवाधिकारों के सही उपयोग के लिए अनिवार्य तत्व के रूप में अंतरराष्ट्रीय एकजुटता की भूमिका को पहचानने की तत्काल आवश्यकता है।"

उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता देशों को वर्तमान चुनौतियों का सामना करने में सहायक होगी, "जैसे कि प्रवासन, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाएं, सशस्त्र संघर्ष और गरीब और अमीर के बीच बढ़ते अंतर।"

महाधर्माध्यक्ष इवान जुर्कोविक ने कहा, "एकता संप्रभुता का विरोध नहीं करती; इसके बजाय, यह लोगों की स्वतंत्रता की अभिव्यक्ति के रूप में संप्रभुता की अवधारणा की गहरी समझ देती है।"

एकता किसी व्यक्ति के अधिकारों पर कुचलने के बजाय, पूरक के सिद्धांत की मान्यता को शामिल करती है।

एकजुटता केवल सामाजिक कार्य नहीं है, जैसा कि संत पापा फ्राँसिस कहते हैं, एकजुटता "राजनीतिक, आर्थिक और वैज्ञानिक विकल्पों में, साथ ही देशों और लोगों के बीच आपसी मनोभाव को मजबूत करती है। लोगों को सच्ची एकजुटता की शिक्षा देकर हम "कचरे की संस्कृति" को दूर करने में सक्षम होंगे।


(Margaret Sumita Minj)

07/06/2017 14:48