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उड़ीसा के नए काथलिक शहादत के लिए भी तैयार

प्रतिकात्मक तस्वीर - RV

17/04/2017 16:45

रांकिया, सोमवार, 17 अप्रैल 2017 (मैटर्स इंडिया) : प्रबिन डिंगल को अपनी माँ और छोटे भाई के साथ काथलिक बनने का सबसे बड़ा निर्णय लेते वक्त आने वाली जोखिमों का पता था।

उड़ीसा के कंधमाल जिले में रांकिया के दया की मरियम पल्ली में 12 फरवरी को बपतिस्मा लेने के पश्चात 22 वर्षीय प्रबिन ने मैटर्स इंडिसा से कहा, ″ चाहे जो भी हो हम येसु ख्रीस्त में अपने विश्वास को कभी नहीं छोड़ेंगे। ख्रीस्त पर अपने विश्वास के लिए हम मरने को भी तैयार हैं।″ 

नौ साल पहले कंधमाल में सबसे बुरी ख्रीस्तीय-विरोधी हिंसा की वारदात हुई थी जिसमें 100 से अधिक लोग मारे गये थे और 56,000 बेधर हो गये थे जब कट्टरपंथी हिंदुओं ने जिले में ख्रीस्तीयों को निशाना बनाया।

डिंगल की 40 वर्षीय माँ चंद्रिका ने कहा,″ येसु को स्वीकार करने के निर्णय लेने के बाद उसे जो आंतरिक खुशी मिली है उस खुशी का और कोई दूसरा विकल्प हो ही नहीं सकता। यह ईश्वर की आशीष है कि हमने पूर्ण ज्ञान के साथ और पूरी आजादी से ख्रीस्तीय विश्वास को स्वीकार कर लिया है।″

उसने और उनके बेटों ने 6 वर्षों तक ख्रीस्तीय धर्म के बारे शिक्षा पाने और लगातार धर्मविधियों में भाग लेने के बाद बपतिस्मा ग्रहण किया है। वे बपतिस्मा लेने और मसीह के नजदीक आने के इस सुन्दर अवसर के लिए ईश्वर के प्रति आभारी हैं।

 उन्होंने कहा, येसु ही हमारा सबकुछ है। ईश्वर हमारे मुक्तिदाता हैं। भारत में ख्रीस्तीयों की परिस्थिति को देखते हुए कहा "विश्वास के लिए मरना एक महान सम्मान होगा। हम साहस और दृढ़ विश्वास के साथ अपने विश्वास का दावा करने के लिए तैयार हैं। मैं किसी भी स्थिति में अपने काथलिक पहचान को नहीं छिपाऊँगी।"


(Margaret Sumita Minj)

17/04/2017 16:45