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फादर टोम की रिहाई हेतु प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप की मांग

सलेसियन फादर टोम उज्जुनल्लिल जिनका अपहरण 4 मार्च 2016 को यमन में हुआ था। - RV

14/02/2017 14:56

नई दिल्ली, मंगलवार, 14 फरवरी 2017 (एशिया न्यूज) : भारत में काथलिकों के सबसे बड़े काथलिक संगठन ‘अखिल भारतीय काथलिक संघ’  (एआइसीयू) ने प्रधानमंत्री मोदी जी को पत्र लिखकर अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए मध्य पूर्वी देशों से बातचीत कर सलेसियन फादर टोम उज्जुनल्लिल की रिहाई करने का आग्रह किया, जिनका अपहरण 4 मार्च 2016 को यमन में हुआ था।

‘अखिल भारतीय काथलिक संघ’  के अध्यक्ष लान्सी डा कुन्हा द्वारा दस्तखत किये गये पत्र में काथलिकों ने  इतने लम्बे समय से जिहादियों के कैद में रखे गये फादर टोम के लिए अपनी पीड़ा को व्यक्त किया है। कुन्हा कहते हैं,  "हम फादर की पूरी सुरक्षा और जितनी जल्द हो सके वापस भारत लौटने हेतु आपके व्यक्तिगत हस्तक्षेप और सहायता सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं। हमारी आपसे करबद्ध प्रार्थना और आशा है कि आप हमारा समर्थन करेंगे।

केरल के फादर उझुनल्लिल का 4 मार्च 2016  में इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों ने यमन के दक्षिणी शहर एडन में मदर टेरेसा मिशनरीज आफ चैरिटी द्वारा संचालित एक वृद्धाश्रम पर हमले के दौरान अपहरण कर लिया था। महीनों खामोशी के बाद, गत दिसम्बर महिने के अंत में फादर टोम का एक वीडियो पोस्ट किया गया था जिसमें फादर टोम ने वीडियो के माध्यम से व्यक्तिगत रुप से अपनी रिहाई के लिए संत पापा से मदद की अपील की। उन्होंने भारत की कलीसिया और सरकार से अपनी रिहाई हेतु अपील की थी।

काथलिक संगठन स्वीकार करती है कि अफगनिस्तान में हुए भारतीयों के अपहरण की तुलना में इस मामले की गुथियाँ बहुत जटिल हैं। हम अफगनिस्तान में अपहरण किये गये येसु समाजी पुरोहित फादर अलेक्सिस प्रेम कुमार और काथलिक समाजसेवी जूडिथ डीसूजा की रिहाई हेतु सरकार और अन्य लोगों की सराहना करते हैं

काथलिकों के अनुसार, "इस क्षेत्र में कठिन स्थिति को देखते हुए, हमें विश्वास है कि भारत की सरकार कई मध्य पूर्वी देशों में अच्छे संबंधों और अपने प्रभाव का उपयोग करते फादर टोम की रिहाई के लिए पूरा प्रयास करें। विदेश मामलों के मंत्रालय, विदेश मंत्री और उनके सहयोगियों से हमारी विनय है कि फादर की सुरक्षा और स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठायें।"


(Margaret Sumita Minj)

14/02/2017 14:56