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फादर टॉम की रिहाई हेतु प्रार्थना का आयोजन

फा. टॉम उजहून्नलिल - RV

19/01/2017 16:01

नई दिल्ली, बृहस्पतिवार, 19 जनवरी 2017 (एशियान्यूज़): यमन में अपहृत भारत के सलेशियन पुरोहित फादर टॉम की दुखद स्थिति की ओर लोगों का ध्यान आकृष्ट करने हेतु भारतीय धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने 21 और 22 जनवरी को धर्मप्रांतीय स्तर पर प्रार्थना दिवस मनाने का निश्चय किया है।   

भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष कार्डिनल बेसलियोस क्लिमिस ने एक आधिकारिक सूचना जारी करते हुए याद किया कि किस तरह वेदना भरी प्रार्थना द्वारा लोग मिशनरी फादर की रिहाई की आशा में 10 महीने गुजार चुके हैं।

कार्डिनल ने लिखा, ″भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन लगातार विदेश मंत्री सुष्मा स्वराज एवं अन्य मंत्रियों के सम्पर्क में है तथा उनसे फादर टॉम की रिहाई की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने की मांग कर रही है।″ उन्होंने हाल में उठी अफवाहों का स्पष्टीकरण देते हुए फा. टॉम के जीवित एवं स्वस्थ होने की पुष्टि दी।

कार्डिनल क्लेमिस ने फा. टोम के प्रति भारतीय कलीसिया की चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों से अपील की कि वे उदार तथा निःस्वार्थ सेवा प्रदान करने वाले पुरोहित की रिहाई हेतु हर सम्भव प्रयास करें।

ज्ञात हो कि एक माह की चुप्पी के बाद दिसम्बर महीने के अंत में एक वीडियो पोस्ट किया गया था जिसमें यह दिखलाया गया था कि फा. टॉम उजहून्नालिल जो इस्लामिक स्टेट द्वारा मार्च महीने में यमन में अपहरण के शिकार हुए हैं, अपना नाम बतलाते हुए अस्पताल में शीघ्र भर्ती कराये जाने की आवश्यकता व्यक्त की थी।

कार्डिनल ने चेतावनी देते हुए कहा कि फादर को बंधक बनाने वालों ने कई बार सरकार से सम्पर्क करने की कोशिश की है किन्तु सब व्यर्थ। उनकी रिहाई के लिए अब तक कुछ भी नहीं किया जा सका है।

एशियान्यूज़ से बातें करते हुए सलेशियन धर्मसमाज के प्रतिधर्माध्यक्ष एवं गुरूकुल प्राचार्य फा. फ्राँसिस केरेदा ने कहा, ″धर्माध्यक्षों द्वारा प्रार्थना दिवस का आयोजन महत्वपूर्ण है। यह दर्शाता है कि भारत एवं विश्व की काथलिक कलीसिया फा. टॉम के लिए चिंतित हैं यद्यपि इसका प्रभाव तत्काल दिखाई नहीं पड़ेगा किन्तु इसके द्वारा विश्वास के कारण अत्याचार के शिकार लोगों की मदद हेतु जागरूकता अवश्य बढ़ेगी।″  


(Usha Tirkey)

19/01/2017 16:01