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हम कौन हैं

अपनी संविधि के आधार पर, वाटिकन रेडियो परमधर्मपीठ का प्रसारण केन्द्र है तथा वैधानिक तौर पर यह वाटिकन सिटी-राज्य में है। यह संचार, सम्प्रेषण और सुसमाचार उदघोषणा का ऐसा माध्यम है जिसकी रचना सन्त पापा की प्रेरिताई में मदद के लिये की गई थी। वाटिकन रेडियो की स्थापना गुलिएलमो मारकोनी द्वारा की गई थी जिसका उदघाटन - Qui arcano Dei - रेडियो सन्देश से, तत्कालीन सन्त पापा पियुस 11 वें द्वारा 12 फरवरी सन् 1931 . को किया गया था। इसका प्रमुख उद्देश्य स्वतंत्रतापूर्वक, निष्ठापूर्वक एवं प्रभावशाली ढंग से ख्रीस्तीय सन्देश की उदघोषणा करना है। साथ ही, रोमी काथलिक कलीसिया के केन्द्र को विश्व के विभिन्न देशों के साथ जोड़े रखना है। यह कार्य वाटिकन रेडियोः

- रोमी काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष की आवाज़ एवं शिक्षाओं का प्रसार कर;
- परमधर्मपीठ की गतिविधियों के बारे में सूचना देकर;
- विश्व में काथलिक कलीसिया के जीवन एवं उसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी प्रदान कर;
- आज की समस्याओं के आलोक में कलीसिया की शिक्षाओं का मूल्याकंन करने हेतु विश्वासियों को सहायता प्रदान कर पूरा करता है।

वाटिकन रेडियो, रेडियो प्रसारण के क्षेत्र में, विभिन्न धर्मप्रान्तों एवं धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों को सलाह और सहयोग देता है।

सन्त पापा की सभी वाटिकन सम्बन्धी आधिकारिक गतिविधियों की ध्वनि को रिकॉर्ड करना, उसका विस्तार करना तथा वितरित करना भी वाटिकन रेडियो का कार्य है। साथ ही, अनन्य तरह से, रोमी काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष की रिकॉर्ड की गई आवाज़ों की कॉपीराइट एवं बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा करना भी वाटिकन रेडियो का काम है।

फादर फेदरीको लोमबारदी वाटिकन रेडियो के महानिर्देशक हैं।

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वाटिकन रेडियो तथा अन्तररा

वाटिकन रेडियो EBU (यूरोपियन ब्रॉडकास्टिंग यूनियन) का संस्थापक एवं उसका सक्रिय सदस्य है। इसके अतिरिक्त, वह ( Africaine de Radio diffusion यूनियन ) UAR, सम्प्रेषण माध्यम सम्बन्धी विश्व काथलिक संगठन SIGNIS, ख्रीस्तीय रेडियो के यूरोपियन सम्मेलन CERC तथा इताली भाषा में प्रसारण करनेवाले रेडियो एवं टेलेविज़न प्रसारणों के समुदाय का हिस्सा है।

रेडियोफोनिक क्षेत्र में वाटिकन रेडियो, इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन ITU, डाक एवं दूरसंचार प्रशासनों के यूरोपीय सम्मेलन CEPT तथा अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार उपग्रह संगठन ITSO में परमधर्मपीठ का प्रतिनिधित्व करता है।

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हमारे कार्

वाटिकन रेडियो निम्नलिखित तकनीकी साधनों से विश्व की 45 भाषाओं में अपने कार्यक्रमों का प्रसारण करता हैः

इंटरनेट ( www.radiovaticana.va ), सैटलाईट ( Eutelsat हॉटबर्ड 13° E [यूरोप], Intelsat AOR [अटलांटिक] – IS 801 - 328,5 ° E - है), और ज़ाहिर है hertzian तरंगों द्वारा ( FM modulation frequency, मध्यम एवं लघु तरंगों द्वारा/ लघु तरंग सेवा साम्यानुमानिक एवं डिजिटल हैं: DAB)।

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वाटिकन रेडियोः अन्य रेडियो के लिये रेडियो (R4R)

वाटिकन रेडियो 45 भाषाओं में प्रसारण करता है तथा उस विस्तृत रेडियो नेटवर्क का हिस्सा है जो, महाप्रबन्धन की पूर्व सहमति से, सम्पूर्ण विश्व में वाटिकन रेडियो के प्रसारणों को पुनर्प्रसारित करता है। यह सेवा उस पुरानी परम्परा का हिस्सा है जिसके तहत वाटिकन रेडियो अन्य (सार्वजनिक, स्थानीय, काथलिक व ग़ैरकाथलिक) रेडियो को सेवा प्रदान करता आया है। 

वाटिकन रेडियो सन्त पापा के सभी समारोहों (साप्ताहिक आम दर्शन समारोह, रविवारीय देवदूत प्रार्थना, सन्त पापा के प्रमुख धर्मविधिक समारोहों एवं घटनाओं) के प्रसारण, प्रसार एवं अन्तरराष्ट्रीय ध्वनि के वितरण (अलग अलग भाषाओं में कमेंट्री के साथ या उसके बग़ैर) का आश्वासन देता है। संस्थागत रूप में, सन्त पापा की सभी सार्वजनिक गतिविधियों को रिकॉर्ड करना, उनका विस्तार करना तथा उनकी ध्वनि को वितरित करना वाटिकन रेडियो का दायित्व है।

अंतरराष्ट्रीय सम्पर्क कार्यालय उन अंतर्संबंधों की देखरेख करता है, जो पत्रकारों और तकनीशियनों को विदेश यात्राओं के दौरान तकनीकी और संपादकीय सहायता प्रदान करते या फिर विभिन्न रेडियो कार्यक्रमों (धार्मिक, सांस्कृतिक, संगीत या समाचार) के अंतरराष्ट्रीय आदान प्रदान को सुलभ बनाते हैं।

आगे सम्पर्क के लियेः अन्तरराष्ट्रीय सम्पर्क कार्यालय

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वाटिकन रेडियो को कौन पुनः प्रसारित करता है

वाटिकन रेडियो पांच महाद्वीपों में अपने कार्यक्रमों को न केवल सीधे, बल्कि विश्व के कई देशों में स्थित अनेक रेडियो स्टेशनों के माध्यम से प्रसारित करता है ( सन् 2007 में इनकी संख्या 1000 थी )। वाटिकन रेडियो ने अपने कार्यक्रमों के प्रसारण के लिये नेशनल पब्लिक रेडियोज़ और कुछ वाणिज्यिक रेडियोज़ के साथ करार सम्पन्न किया है। हालांकि, हमारे कार्यक्रमों को पुनः प्रसारित करनेवाले अधिकाँश रेडियो काथलिक या ख्रीस्तीय रेडियो हैं। ये रेडियो एक प्रसारक के रूप में या बहुत से रेडियो के नेटवर्क के एक भाग के रूप में कार्य कर सकते हैं। इन रेडियो स्टेशनों के योगदान के परिणामस्वरूप ही वाटिकन रेडियो दुनिया के कुछ क्षेत्रों तक पहुँच सकता है।

एक नियमित अनुबंध के आधार पर, महानिदेशकीय कार्यालय की सहमति से, वाटिकन रेडियो के कार्यक्रमों का पुनर्प्रसारण करनेवाले रेडियो स्टेशन निम्न देशों में हैं:

यूरोप: अल्बानिया, ऑस्ट्रिया, बोस्निया-एर्सेगोविना, बुल्गारिया, क्रोएशिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, कोसोवो, लातविया, लिथुआनिया, माल्टा, पोलैण्ड, पुर्तगाल, चेक गणराज्य, रोमानिया, रूस, सर्बिया, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, स्पेन, यूक्रेन हंगरी;

अफ्रीका: अंगोला बेनिन, बुर्किना फासो, कैमरून, केप वेर्दे, आइवरी कोस्ट, गैबॉन, गिनी बिसाऊ, केन्या, माली, मडागास्कर, मोजाम्बिक, नामीबिया, मध्य अफ्रीकी गणराज्य, कांगो, रेउनियोन, दक्षिण अफ्रीका, सूडान, लोकतांत्रिक गणराज्य चाड, टोगो, युगांडा, ज़ाम्बिया;

अमेरिका: अर्जेंटीना, बोलीविया, ब्राजील, कनाडा, चिली, कोलंबिया, कॉस्टा रिका, इक्वाडोर, एल साल्वाडोर, ग्वाटेमाला, हैटी, हौंडुरास, मैक्सिको, निकारागुआ, पनामा, परागुवे, पेरू, पुएरतो रिको, डोमिनिकन गणराज्य, संयुक्त राज्य अमेरिका, उरुग्वे वेनेजुएला;

एशिया और ओशिनिया: फिलीपींस, जापान, लेबनान, ऑस्ट्रेलिया, पापुआ न्यू गिनी, फ्रेंच पोलीनेशिया।

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हमारे कार्यक्रमों को कैसे पुनर्प्रसारित करें

हमारे कार्यक्रमों को कैसे पुनर्प्रसारित करें?:
वाटिकन रेडियो विभिन्न रेडियो स्टेशनों को, वाटिकन रेडियो की वेब साईट (
www.vaticanradio.org/R4R ) के जरिये, विविध सेवा उपलब्ध कराता है ( "R4R" का मतलब है "रेडियो स्टेशनों के लिये रेडियो")। इन सेवाओं में, सर्वप्रथम नीचे दिये गये संकेतों के माध्यम से वाटिकन रेडियो के कार्यक्रमों को पुनः प्रसारित किया जा सकता हैः

वाटिकन रेडियो के कार्यक्रमों के पुनः प्रसारण के लिये महानिर्देशन के अंतरराष्ट्रीय सम्पर्क कार्यालय से अनुमति लेना आवश्यक है। इन कार्यक्रमों के पुनर्प्रसारण में रुचि रखनेवाले रेडियो स्टेशनों को relint@vatiradio.va या फैक्स नंबर +39 06 6988 3237 ( श्री Giacomo Ghisani, अंतरराष्ट्रीय सम्पर्क कार्यालय के प्रमुख, टेलीफोन 003945 39 06 6988 ) से अनुरोध करना होगा। अनुरोध के बाद, रेडियो स्टेशनों को, वाटिकन रेडियो के साथ सहयोग हेतु औपचारिकता रूप में, एक सरल, मानक समझौते पर हस्ताक्षर करने होंगे।

सन्त पापा की प्रेरिताई तथा ईश वचन के प्रसार की सेवा में संलग्न वाटिकन रेडियो अपनी खास प्रकृति के कारण वाणिज्यिक आधार पर काम नहीं करताः यही कारण है कि हम अपने कार्यक्रमों को काथलिक रेडियो स्टेशनों को, उनकी सीमित आर्थिक सम्भावनाओं पर बोझ बने बिना, अर्पित करते हैं। तथापि, चूँकि रेडियो कार्यक्रमों का निर्माण के लिये परमधर्मपीठ को एक महत्वपूर्ण एवं अर्थपूर्ण आर्थिक लागत खर्च करनी पड़ती है , सन्त पापा के रेडियो द्वारा निर्मित कार्यक्रमों के लिये विभिन्न रेडियो स्टेशनों से सानुपातिक योगदान मांगा जा सकता है।

वाटिकन रेडियो को पुनः प्रसारित करने के लिये तकनीकी तौर तरीके निम्नलिखित हैं:

इंटरनेट "Professional Services": निवेदन करने पर लगभग सभी कार्यक्रम "Professional services" में उपलब्ध हैं, जो हमारी वेबसाइट www.vaticanradio.org/R4R का ही अंग है तथा उन रेडियो स्टेशनों की सेवा में अर्पित है जो वाटिकन रेडियो के कार्यक्रमों को डाऊनलोड करना चाहते हैं अथवा उन्हें पुनर्प्रसारित करना चाहते हैं। इस क्षेत्र में, वाटिकन रेडियो कार्यक्रमों की फाइलें उच्च गुणवत्ता वाली हैं, इसका अर्थ है कि वे पुनर्प्रसारण प्रयोजनों के लिए पेशेवर ऑपरेटरों को उपलब्ध कराई जाती हैं। अनुभाग www.vaticanradio.org/R4R में, आप इंटरनेट के माध्यम से उपलब्ध हमारे सभी कार्यक्रमों की सूची प्राप्त कर सकते हैं और उस सर्वर को भी जो आपके क्षेत्र से करीब है तथा जहाँ से आप डाऊनलोड कर सकते हैं। अगर कोई रेडियो स्टेशन इस प्रकार के पुनर्प्रसारण में रुचि रखता है तो उसे हमारे कंप्यूटर विभाग द्वारा एक पासवर्ड प्रदान किया जायेगा ताकि वह फ़ाइलों को डाउनलोड कर सके।

उपग्रह: जिस उपग्रह से रेडियो स्टेशन हमारे कार्यक्रमों को ले सकते हैं वे निम्नलिखित हैं:
Eutelsat Hot 13 ° East ( यूरोप ) Bouquet Rai
Intelsat AOR ( अटलांटिक ), IS 801, 328,5 ° E
Intelsat IOR ( भारतीय ) IS 904, 60 ° E.

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विशिष्ट प्रसारण

विभिन्न भाषाओं में अपने नियमित कार्यक्रमों के अतिरिक्त, वाटिकन रेडियो, वाटिकन के भीतर एवं बाहर, सन्त पापा के नेतृत्व में सम्पन्न सभी धर्मविधिक समारोहों एवं विशिष्ट साक्षात्कारों का प्रसारण करता है। ये विशिष्ट प्रसारण हमारे नियमित कार्यक्रमों से भिन्न होते हैं तथा इनके पुनर्प्रसारण के लिये इन्हें अन्य रेडियो स्टेशनों को उपलब्ध कराया जाता है। इस सेवा में रुचि रखनेवाले रेडियो स्टेशन उक्त समारोहों की अन्तरराष्ट्रीय ध्वनि के सीधे प्रसारण का चयन कर सकते हैं अथवा विभिन्न भाषाओं में वाटिकन रेडियो द्वारा तैयार इनकी कमेन्ट्री सहित अन्तरराष्ट्रीय ध्वनि को प्रसारित कर सकते हैं। अत्यन्त महत्वपूर्ण समारोहों के लिये, सामान्यतः अँग्रेज़ी, फ्रेंच, जर्मन, इताली, पुर्तगाली और स्पानी भाषाओं में कमेन्ट्री दी जाती है (कभी कभी अरबी और चीनी में भी)। ये कमेन्ट्री टेलिविज़न केन्द्रों को भी उपलब्ध कराई जाती है जो इनके फिल्मांकित चित्र वाटिकन टेलीविज़न केन्द्र द्वारा प्राप्त करते हैं।

उक्त समारोहों की अन्तररराष्ट्रीय ध्वनि और/अथवा उक्त कमेन्ट्री को सैटालाईट या फिर ISDN कनेक्शन द्वारा ग्रहण किया जा सकता है, यह एक डिजिटल फोन सरकिट है जिसका उपयोग हमारे प्रोग्राम निर्माता उक्त समारोहों के लिये करते हैं।

आजकल, लातीनी अमरीका के बहुत से प्रसारक अन्तरराष्ट्रीय सम्पर्क कार्यालय से वाटिकन रेडियो के विशिष्ट प्रसारणों के बारे में सूचना प्राप्त करते हैं जिसमें प्रसारण का विवरण रहा करता है (सैटालाईट, ISDN, वेब चैनल.......) यदि आप भी इस प्रकार की सूचना प्राप्त करना चाहते हैं तो अपने ई-मेल पते सहित अपना निवेदन relint@vatiradio.va को लिख भेजें।

जो ISDN कनेक्शन द्वारा वाटिकन रेडियो द्वारा तैयार विशिष्ट कार्यक्रमों के प्रसारण का निर्णय लेते हैं उन्हें समय रहते relint@vatiradio.va पते पर अपनी विशिष्ट मांग लिख भेजनी होगी ताकि समारोहों की अन्तरराष्ट्रीय ध्वनि अथवा विशिष्ट भाषाई कमेन्टरी सहित अन्तरराष्ट्रीय ध्वनि को ग्रहण करने के लिये उन्हें ISDN डायलिंग नम्बर भेजा जा सके।

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तकनीकी सहायता

वाटिकन रेडियो, काथलिक रेडियो स्टेशनों को, भेंटवार्ताओं, कार्यक्रमों की रिकॉर्डिग.......के लिये स्टूडियो इत्यादि की सुविधा देता है। यह सुविधा वाटिकन रेडियो की समय सारिणी के अनुरूप दी जाती है जबकि अतिरिक्त मांग होने पर कुछ भुगतान का निवेदन

किया जा सकता है।

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लातीनी अमरीका के लिये विशिष्ट कार्यालय

वाटिकन रेडियो के भीतर एक ऐसा कार्यालय है जो लातीनी अमरीका स्थित रेडियो स्टेशनों द्वारा वाटिकन रेडियो के कार्यक्रमों के प्रचार के लिये विशेष रूप से बनाया गया है। इस कार्यालय का प्रमुख कार्य परमधर्मपीठ के प्रसारण केद्र के साथ लातीनी अमरीकी प्रसारकों के बीच सहयोग को बरकरार रखना तथा बढ़ाना है। यह अपना मिशन विभिन्न तरीकों से पूरा करता है, उदाहरणार्थ "कादेना दे आमिस्ताद" कार्यक्रम द्वारा जिसमें विदेशी लातीनी अमरीकी रेडियो, विभिन्न विषयों पर चर्चाओं को भेजकर, कार्यक्रम के निर्माण में ख़ुद योगदान देते हैं। वाटिकन रेडियो की वेब साईट के Radio4Radios विभाग में लातीनी अमरीका को समर्पित कुछेक कार्यक्रम हैं: वस्तुतः इस विभाग ने CD यानि कि कॉमपेक्ट डिस्क की जगह ले ली है जो विगत कई वर्षों से वाटिकन रेडियो द्वारा लातीनी अमरीका के प्रसारकों को भेजी जाती रही थीं। प्रतिवर्ष इस कार्यलय के अध्यक्ष कुछेक लातीनी अमरीकी देशों का दौरा कर उक्त रेडियो प्रसारकों एवं स्थानीय कलीसियाओं के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर विचारों का आदान प्रदान करते हैं।

इस विषय में अतिरिक्त सूचना प्राप्त करने लिये हम आपको निम्नलिखित पते पर लिखने के लिये आमंत्रित करते हैं:
P. Guillermo Ortiz, S.J.
Promoción America Latina
Tel. +39 06 6988 4804
Fax +39 06 6988 3237
latam@vatiradio.va .

अतिरिक्त सूचना के लिये आप हमें प्रत्यक्ष रूप से भी लिख सकते हैं। आपकी सहायता करना हमारा सौभाग्य होगाः
The Team of International Relations of Vatican Radio,
General Direction of Vatican Radio,
International Relations Dept.
V-00120 Vatican City State
Tel. +39 06 698 83945
Fax +39 06 698 83237
relint@vatiradio.va

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संगठन तालिका
GENERAL DIRECTION
  General Director: Father Federico Lombardi s.j.
  International Relations Office: Mr. Giacomo Ghisani
  Promotions Office: Father Lech Rynkiewicz s.j.

TECHNICAL DEPARTMENT

  Technical Director: Mr. Sandro Piervenanzi
  Vice-Director: Mr. Maurizio Venuti
  Vice-Director: Mr. Costantino Pacifici
  Data Processing Office: Mr. Mauro Milita

ADMINISTRATIVE DEPARTMENT

  Administrative Director: Mr. Alberto Gasbarri

PROGRAMS DEPARTMENT
  Director of Programs: Father Andrzej Koprowski s.j.
  Assistant Director and Web Team Manager: Mr. Pietro Cocco
  Promotions for Latin America: P. Guillermo Ortiz s.j.
  Promotions for Africa : P. Jean-Pierre Bodjoko s.j.
  Documentation Service (SEDOC) and Library: Mr. Stefano Leszczynski

 

CENTRAL INFORMATION SERVICE
 
SIC (italian) "News Desk":
Department Head: Roberto Piermarini | vice: Sergio Centofanti
  Italian Desk News at 2.00 pm: Alessandro de Carolis | vice: Alessandro Gisotti
  Italian Desk News at 8.00am/12.00pm: Giancarlo La Vella | vice: Massimiliano Menichetti
  Italian Desk News at 5.00pm/7.30pm: Adriana Masotti | vice: Alessandro Guarasci and Paolo Ondarza
  French Desk News 8.15am/1.00pm/4.00pm/6.00pm: Romilda Ferrauto
  English Desk News 8.30am/6.15pm: Sean Lovett

 

PROGRAMMES
  Name Head Desk
  Albanian Fr. David Gjugja
  Amharic - Tigrinya Abba Ammanuel Meconnen
  Arabic Fr. Jean Pierre Yammine
  Armenian Mr. Robert Attarian
  Byelorussian Don Amialchenia Aliaksandr
  Brazilian

Fr. Cesare Augusto De Santos s.j.

  Bulgarian Mr. Dimitar Gantchev
  Czeck Fr. Milan Glaser s.j.
  Chinese Fr. Chong Tet Fook s.j.
  Croatian P. Halambek Vatroslav s.j.
  English Mr. Sean Lovett
  English-Africa Fr. Hamungole Moses
  Esperanto Mr. Carlo Sarandrea
  French-World Mrs. Romilda Ferrauto
  French-Africa Fr. Jean Pierre Bodjoko s.j.
  German Fr. Bernd Hagenkord s.j.
  Hungarian Mrs. Marta Vertse
  Indian P. Louis Xystus Jerome s.j.
  105 LIVE Luca Collodi // vice: Fabio Colagrande
  105 LIVE: Italian - Orizzonti Cristiani Mr. Rosario Tronnolone
  105 LIVE: Italian - Antologia Cristiana Mrs. Laura De Luca
  Japanese (only via Internet) Fr. Makoto Wada
  Latvian Mrs. Silvija Krivteza
  Lithuanian Mr. Jonas Malinauskas
  Liturgy Sr. Mary Kutty Manaparampil
  Magyar Mrs. Marta Verste
  Musical Mr. Stefano Corato
  Polish Fr. Tadeusz Cieślak s.j.
  Portuguese Europa & Africa Fr. José Maria Pacheco
  Rumanian Fr. Anton Lucaci
  Russian Rev. Bohdan Teneta
  Scandinavian Mrs. Charlotta Smeds
  Slovak Fr. Jozef Bartkovjak, s.j.
  Slovenian P. Ivan Herceg s.j.
  Spanish Europa & Latin America Fr. Guillermo Ortiz, s.j.
  Ukrainian P. Taras Kotsur
  Vietnamese P. Giuseppe Tran Duc Anh
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हमारा इतिहास

Marconi alla Radio Vaticana 193112 फरवरी सन् 1931 ई. को वाटिकन रेडियो की स्पाथना के विषय में बात करना बड़ा सरल प्रतीत होता है तथापि उस महत्वपूर्ण क्षण के उत्साह और उमंग भरे विचित्र वातावरण को शब्दों में पिरोना वास्तव में टेढ़ी खीर है। विश्व समाचारों में कई वर्षों से विख्यात हो चुके महान वैज्ञानिक गुलियेलमो मारकोनी, कुछ डरे हुए से, 12 फरवरी सन् 1931 की ओर बढ़े; सच तो यह है कि काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष द्वारा उन्हें सौंपी गई यह विलक्षण योजना इतनी विराट थी कि उसके विचार से ही वे घबरा उठे थे। सन्त पापा पियुस 11 वें के आगमन पर, मारकोनी ने विनम्रतापूर्वक, घुटनों के बल गिरकर, सन्त पेत्रुस के उत्तराधिकारी को प्रणाम किया तथा उनकी अँगूठी चूमी। पितृसुलभ भाव से सन्त पापा ने सिर हिलाया, मुस्कुराये और अपने हाथ मारकोनी के कन्धों पर कुछ इस प्रकार रखा मानो उनका आलिंगन कर रहे हों। वाटिकन रेडियो की स्थापना का विवरण हम इन शब्दों में कर सकते हैं तथापि अस्सी वर्ष पूर्व वाटिकन की पहाड़ी पर उस क्षण मौजूद लोगों द्वारा कहे शब्दों से इसका वर्णन करना कहीं अधिक बेहतर होगा। 12 फरवरी सन् 1931 ई. को मारकोनी ने इन ऐतिहासिक शब्दों का उच्चार किया थाः "बड़े गौरव के साथ मैं यह घोषित करता हूँ कि कुछ ही क्षणों में काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष वाटिकन शहर और राज्य के रेडियो स्टेशन का उदघाटन करेंगे। रेडियो की विद्युत तरंगें, उनके शांति सन्देश तथा आशीर्वाद को सम्पूर्ण विश्व तक ले जायेंगी।"

इन्हीं शब्दों से विश्व विख्यात वैज्ञानिक गुलिेएलमो मारकोनी ने वाटिकन रेडियो के जन्म की उदघोषणा की थी। उन्होंने आगे कहा थाः "मानवजाति को प्रकृति की अनगिनत रहस्यमय शक्तियों के उपयोग की अनुमति देनेवाले सर्वशक्तिमान् ईश्वर की सहायता से मैं यह अस्त्र तैयार करने में समर्थ बना हूँ जो सम्पूर्ण विश्व को सन्त पापा की आवाज़ सुनने का आश्वासन देगा।"

Pope Pius XI at Vatican  Radioफिर सन्त पापा पियुस 11 वें को सम्बोधित कर श्री मारकोनी ने कहा थाः "आदरणीय सन्त पापा, आपने जिस कार्य के लिये मुझे योग्य समझा, उसे आज मैं पुनः आपको अर्पित करता हूँ......मेरी मंगलकामना है कि आपकी कृपा से सम्पूर्ण विश्व आपके प्रतापी शब्दों को सुन सके। "

पहले प्रसारण के अवसर पर एक संवाददाता ने लिखा, "इस क्षण, सम्पूर्ण विश्व आतुरता से प्रतीक्षा कर रहा है ........ ख्रीस्त के प्रतिनिधि, इस नये अनिर्वचनीय अस्त्र के माध्यम से, एक स्पष्ट सुनाई देनेवाली आवाज़ में, बोलना शुरु करते हैं। अभी, ठीक चार बजकर उन्चास मिनट हुए हैं, दिन है 12 फरवरी सन् 1931।"

प्रथम रेडियो सन्देश का मूलपाठ स्वयं सन्त पापा पियुस 11 वें द्वारा, लैटिन भाषा में, लिखा गया था। सुसमाचारी सन्देश की सार्वभौमिकता पर बल देनेवाले अपने इस सन्देश को सन्त पापा ने पवित्र धर्मग्रन्थों से अनुप्राणित रखा था। इसकी प्रथम पंक्ति इस प्रकार थी, "सुनो, ओ स्वर्गो, जो कुछ मैं कह रहा हूँ; सुनो, हे धरती, उन शब्दों को सुनो जो मेरे मुख से निकलते हैं............सुनो, कान लगाकर सुनो, दूरस्थ प्रदेशों में बसे लोग, सुनो।" इस तरह प्राचीन व्यवस्थान के नबी की आवाज़ में दुहराते हुए वे शहर एवं सम्पूर्ण विश्व को सम्बोधित करते रहे।

अब हम, उस घटना की रिपोर्टिंग और उससे पहले के इतिहास पर एक दृष्टि डालें:
पियुस 11 वें का जन्म, सन् 1857 ई. में, इटली के मिलान शहर के निकटवर्ती देसियो में, हुआ था। जन्म के अवसर पर उन्हें अखिल्ले रात्ती नाम दिया गया था। छः फरवरी सन् 1922 ई. को आप काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष यानि सन्त पापा नियुक्त किये गये थे। उनके परमाध्यक्षीय काल का विषय थाः "ख्रीस्त के राज्य में ख्रीस्त की शांति"। सन्त पापा पियुस 11 वें की प्रबल इच्छा थी कि दूरस्थ मिशन क्षेत्रों में सुसमाचार का प्रचार किया जाये। वैज्ञानिक अनुसन्सान्धान के क्षेत्र में भी उन्होंने महान उदारता एवं उत्साह दिखाया था। उनका सुसमाचारी आदर्श वाक्य थाः "जो मैं कहता हूँ उसे छत के ऊपर जाकर चिल्लाओ ----- और जो कुछ तुम अंधियारे में सुनते हो उसे सूर्य के प्रकाश में आकर बोलो।" रेडियो के अन्वेषण से, अन्ततः, सुसमाचार के इस अंश को मूर्त रूप मिला। संकल्पना, योजनाएँ तथा एक रेडियो प्रसारण स्टेशन का काम जो सन्त पापा की आवाज़ को विश्वव्यापी श्रोताओं तक ले जाये अनेक वर्षों के अनुसन्धान और नियोजन कार्य का परिणाम है।

वाटिकन शहर में एक वायरलैस स्टेशन हेतु प्राथमिक योजनाएँ

सन् 1925 ई. में ही वाटिकन शहर में सम्प्रेषण माध्यम के महानिदेशक येसु धर्मसमाजी पुरोहित फादर जोसफ जानफ्रान्चेस्की वाटिकन के अन्तर एक वायरलैस स्टेशन की योजना बना रहे थे। 25 जुलाई सन् 1925 ई. को फादर जानफ्रान्चेस्की द्वारा लिखे एक पत्र में इस प्रकार के ट्रान्समिशन स्टेशन की स्थापना की बात कही गई है।

इसके दो साल बाद फादर जानफ्रान्चेस्की ने, सन्त पापा के लिये बनाई गई इस योजना को अनजाम देने हेतु वैज्ञानिक गुलियेलमो मारकोनी से सम्पर्क किया। मारकोनी ने इस उद्यम के प्रति अत्यधिक रुचि दर्शाई तथा सन्त पापा के लिये अपनी पूर्ण उपलभ्यता अर्पित की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी कह दिया कि कलीसिया के लिये वे यह काम निःशुल्क करेंगे। योजना पर काम शुरु होने से पहले दो और वर्ष बीत गये। वस्तुतः, सन् 1929 ई. में लातेरान समझौते पर हस्ताक्षर के बाद वाटिकन के उद्यान में ट्रान्समिशन केन्द्र का निर्माण कार्य शुरु हुआ। इस समझौते पर हस्ताक्षर के मात्र चार दिन बाद मारकोनी को वाटिकन शहर-राज्य में इस योजना के निर्माण कार्य को आरम्भ करने की आधिकारिक अनुमति मिली।

काम तुरन्त शुरु हो गया। सन्त पापा के तत्कालीन वैयक्तिक सचिव कार्डिनल कोनफालोनियेरी ने वाटिकन में ट्रान्समिशन केन्द्र की स्थापना का विवरण इन शब्दों में कियाः "एक महान अन्वेषक मुझे प्रथम निरीक्षण के लिये वाटिकन के उद्यान ले गया। मारकोनी की सादगी प्रभावात्मक होने के साथ साथ आदर्शात्मक भी थी। यह सच है कि प्रतिभासम्पन्न को प्रदर्शन की ज़रूरत नहीं होतीः छोटे व्यक्ति ही अपनी ओर ध्यान आकर्षित कराते और अकड़ दिखाते हैं ...................ट्रान्समिशन केन्द्र के संस्थापन की प्रक्रिया द्रुत एवं प्रभावशाली ढंग से सम्पन्न हो गई।

निर्माण के दौर में, सन्त पापा पियुस 11वें, व्यक्तिगत रूप से, हर कदम और हर काम में मारकोनी के साथ रहे। 21 सितम्बर सन् 1930 ई. की तिथि बड़ी सूझ बूझ के बाद चुनी गई थी। वैज्ञानिक, परमधर्मपीठीय विश्वविद्यालय ग्रेगोरियाना के प्राचार्य, विज्ञान सम्बन्धी परमधर्मपीठीय अकादमी के अध्यक्ष तथा सन् 1929 में नोर्थ पोल तक खोजयात्रा में उमबेरतो नोबिले के सहयात्री येसु धर्मसमाजी पुरोहित फादर जोसफ जान फ्रान्चेस्की को वाटिकन रेडियो के पहले महानिर्देशक होने का गौरव प्राप्त हुआ।

सन्त पापा द्वारा हस्ताक्षरित, पहले महानिदेशक की नियुक्ति का दस्तावेज़ इस तरह शुरू होता है:

"समर्पित बेटे, हमने सोचा है कि एक ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति का यह उपयुक्त समय है जिसपर हमारा पूरा भरोसा है तथा जिसके पास इस नाज़ुक और महत्वपूर्ण सेवा को आगे बढ़ाने हेतु पूरी योग्यता है। हमारी पसन्द आपके समक्ष प्रस्तुत की गई है, हे प्रिय पुत्र ... इसलिए, हमारे इस नामांकन पत्र के साथ ही, हम आपको वाटिकन सिटी के रेडियो स्टेशन के निदेशक मनोनीत करते हैं। हम पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि आपके निर्देशन में यह हमें वे लाभ दिलायेगा जिनके लिये हम इसके निर्माण हेतु प्रेरित हुए थे।"

वाटिकन रेडियो की स्थापना में अन्य उच्च कोटि के विशेषज्ञों ने भी योगदान दिया। बेल्जियम के इंजीनियर जे बैपटिस्ट मैथ्यू, अँग्रेज़ी मारकोनी वायरलेस कंपनी के इस्टेड और जैक्सन तथा इतालवी इंजीनियर सान्तामरिया और एस्पोज़ितो ने भी मार्कोनी की सहायता की। निर्धारित तिथि तक इस परियोजना को पूरा करने में फादर जानफ्रान्चेस्की की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। दो वर्ष से भी कम समय में उक्त दल ने वाटिकन रेडियो का काम पूरा होते देखा।

वाटिकन रेडियो का उदघाटनः

वाटिकन रेडियो के उदघाटन दिवस पर संयुक्त राज्य अमरीका के पैरामाऊन्ट न्यूज़ के अनेक रिपोर्टर एवं कैमरामैन उपस्थित थे। इस घटना के फिल्मांकन के लिये वे अपने साथ उच्च तकनीकी उपकरणों को साथ लाये थे। उस समय के कैमरे यद्यपि हाथ से चलाये जाते थे उन्होंने, सिनेमा के इतिहास में पहली बार, सीधे साऊन्ड ट्रैक के साथ किसी बाहरी घटना को फिल्मांकित किया था। वाटिकन रेडियो के संग्रहालय में आज भी इस घटना की फिल्म सुरक्षित है जो कलीसिया एवं टेलेकमयूनिकेशन के इतिहास में एक अद्वितीय घटना का प्रमाण है।

12 फरवरी सन् 1931 ई. को, दोपहर के साढ़े तीन बजे मारकोनी आये और उन्होंने एक बार फिर रेडियो के उपकरणों का परीक्षण किया। वे स्टूडियो में पधारे और इयरफोन को अपने सिर पर लगाकर पारमहाद्वीपीय ट्रान्समिशन शुरु किया। न्यू यॉर्क, मेलबर्न और क्वबैक से स्पष्ट आवाज़ सुनाई दी। इस बीच, फादर फ्रान्चेस्की सन्त पापा के प्रसारण की अन्तिम तैयारी में लगे रहे। प्रश्नों का भरमार के बावजूद उन्होंने स्नेहवश मुस्कुराते हुए सभी को जवाब दिया और तनावों को कम किया। कुछ क्षणों के बाद, सन्त पापा के आगमन तक, सभी उपकरणों को बन्द कर दिया गया।

स्टेशन पर महामौन छा गया: शक्तिशाली मशीनें मौन रहकर प्रतीक्षारत थीं; नियंत्रण पट्टी पर लगे बल्बों को बुझा दिया गया; मानों, सम्पूर्ण विश्व अधीरतापूर्वक प्रतीक्षा कर रहा था। कुछ ही क्षणों में उस स्विच को दबा दिया जायेगा जो पूरे विश्व को सिगनल प्रेषित करेगा। यह वह चमत्कारी क्षण होगा जो ईश्वर एवं उनकी कलीसिया को महिमान्वित करेगा।

घड़ी, दोपहर के चार बजकर 20 मिनट, बता रही थी। तुरही के नाद ने सन्त पापा के आगमन की घोषणा की। वे अपनी मोटरगाड़ी से आये और रेडियो ट्रान्समिशन स्टेशन की ओर चले। सभी ने घुटनों के बल गिरकर पेत्रुस के उत्तराधिकारी का स्वागत किया। इमारत के प्रवेश द्वार पर गुलिएलमो मारकोनी तथा फादर फ्रान्चेस्की पियुस 11 वें के स्वागत को तैयार खड़े थे। इसके बाद सन्त पापा को जनरेटर कक्ष तक ले जाया गया जहाँ स्थिरता के साथ उन्होंने क्रिया तंत्र को शुरु किया जिससे घर्र घर्र की आवाज़ से भारी कम्पन के साथ मशीनें चल पड़ीं। सन्त पापा ने वाटिकन रेडियो के पहले प्रसारण के लिये मशीनों को आरम्भ कर दिया था।

पहला सिगनल मॉर्स कोड में पहुँचाना था। तकनीशियन ने In Nomine Domini, Amen अर्थात् "ईश्वर के नाम पर आमेन", से काम शुरु किया। उसी क्षण, रेडियो स्टेशन, जहाज़ और सिगनल ग्रहण करने योग्य जितने भी संयत्र थे, सबने इस आशीर्वाद एवं आमंत्रण को सुना। मारकोनी द्वारा सन्त पापा के परिचय के बाद, सन्त पापा पियुस 11 वें ने माईक्रोफोन उठाया तथा कलीसिया के परमाध्यक्ष द्वारा सर्वप्रथम रेडियो सन्देश का उदघाटन किया।

21 फरवरी, सन् 1931 ई., समाचार पत्रों में:

लोस्सरवात्तोरे रोमानो: कल रोम में, बहुत से लोग रेडियो के इर्द गिर्द एकत्र हुए। जहाँ तहाँ, बिजली की दूकानों आदि के आस पास लोगों को रेडियो के निकट कान लगाते देखा गया। कई जगह पर ट्रैफिक जैम हो गया था..........

ट्यूरिन के गज़ेत्ता देल पोपोलोः रेडियो ट्रान्समिशन के रेडियो कैपिटल में आज, अपरान्ह साढ़े चार तथा साढ़े पाँच के बीच, एक अविस्मरणीय घटना हुई। अनेक धार्मिक संघों के सदस्य सन्त पापा के रेडियो सन्देश को सुनने के लिये आतुरता से प्रतीक्षा करते रहे थे।

न्यूज़ क्रोनिकल, लन्दनः पहली बार सन्त पापा की आवाज़ लन्दन में तथा विश्व के करोड़ों लोगों द्वारा सुनी गई....................3,500 काथलिक धर्मानुयायी सन्त पापा की आवाज़ सुनने वेस्टमिन्स्टर के महागिरजाघर में घणटों प्रतीक्षा करते रहे।

न्यू यॉर्क हेराल्डः विश्व के इतिहास में कुछ ही घटनाएँ ऐसी हैं जिनकी तुलना रोमी काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष द्वारा प्रसारित रेडियो सन्देश के गहन प्रभाव के साथ की जा सकती है..........और ऐसी घटना की कल्पना अन्य किसी भी पूर्व सन्त पापा द्वारा नहीं की गई थी। यह विज्ञान का चमत्कार है, और निःसन्देह विश्वास का चमत्कार है।

वाटिकन रेडियो आजः
सन् 1931 ई. में, वाटिकन रेडियो की स्थापना के साथ ही रेडियो स्टेशन के संचालन की ज़िम्मेदारी येसु धर्मसमाज को सौंप दी गई थी। इसके प्रथम महानिर्देशक थेः फादर जान फ्रान्चेस्की एस.जे. तथा वर्तमान निर्देशक हैं फादर फेदरीको लोमबारदी एस.जे.। द्वितीय विश्व युद्ध के समय वाटिकन रेडियो ही वह एकमात्र माध्यम था जिसके सहारे लोगों को युद्ध बंदियों के बारे में सूचनाएं मिला करती थी।

सन् 1970 में लगाये गये 1000 किलो वॉट के शक्तिशाली संयंत्र को सन् 1990 में बदल दिया गया और वाटिकन रेडियो ने सैटलाईट को माध्यम से अपना प्रसारण आरम्भ कर दिया, जिसका केन्द्र वाटिकन में ही स्थापित किया गया। आज, टेलेविज़न, इन्टरनेट एवं सैटलाईट टैकनॉलोजी के वृहत जाल द्वारा सम्प्रेषण माध्यम के नवीन तरीके विकसित होकर सम्पूर्ण विश्व में फैल रहे हैं। वाटिकन रेडियो इस प्रगति के साथ कदम मिलाता आगे बढ़ रहा है। एक उत्कृष्ट सम्प्रेषक रूप में उसने अपना स्थान बनाये रखा है, विशेष रूप से, उन स्थलों पर जहाँ टैकनॉलोजी के दृश्यमान माध्यम उपलब्ध नहीं हैं। इन्टरनेट, वेब और यू-ट्यूब जैसी नवीन तकनीकियों में प्रवेश करने के बावजूद वाटिकन रेडियो ने विश्व के उन विशाल क्षेत्रों के प्रति अपनी आँखें नहीं मूँदी है जहाँ लोग नवीन तकनीकी माध्यमों से वंचित हैं तथा जो केवल एक साधारण रेडियो पर निर्भर रहते हैं।

आज वाटिकन रेडियो, प्रतिदिन, विश्व की 45 भाषाओं में, 66 घंटों का प्रसारण करता है। 38 भाषाएँ वेब पर भी उपलब्ध हैं। वाटिकन रेडियो में 59 राष्ट्रों के लगभग 355 पत्रकार, तकनीशियन एवं अन्य कार्यकर्त्ता अपना योगदान दे रहे हैं। सन् 1964 ई. में वाटिकन रेडियो के भारतीय विभाग की स्थापना हुई थी जो आज हिन्दी, तमिल, मलयालम, अँग्रेज़ी एवं उर्दु भाषाओं में दक्षिण एशिया के श्रोताओं के हितार्थ प्रसारण कर रहा है।

वाटिकन रेडियो का मुख्य उद्देश्य प्रभु येसु मसीह के प्रेम सन्देश को जन-जन में पहुँचाना है। इसी लिये उसके दैनिक प्रसारणों में काथलिक कलीसिया के परमधर्मगुरु सन्त पापा के संदेशों तथा परमधर्मपीठ की गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाती है। इसके साथ ही, वाटिकन रेडियो, ख्रीस्तीय मूल्यों के आधार पर, विश्व की दैनिक घटनाओं की व्याख्या कर उनका प्रसारण करता है ताकि शांति और न्याय को बढ़ावा मिल सके। अपने प्रसारणों द्वारा वाटिकन रेडियो आरम्भ ही से पारिवारिक जीवन की महत्ता, मौलिक अधिकारों की रक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता, अन्तर-कलीसियाई और अन्तर-धार्मिक एकता का समर्थक, प्रचारक एवं उदघोषक रहा है। आतंकवाद, अलगाववाद, युद्ध, प्राणदण्ड एवं सभी प्रकार के अन्याय का भी वाटिकन रेडियो खुलकर विरोध करता रहा है। वाटिकन रेडियो की एक विशेषता यह भी रही है कि उसने ख़ुद को सिर्फ धार्मिक बातों से जोड़े नहीं रखा अपितु, दलगत राजनीति से दूर रहकर, सामाजिक, राजनैतिक एवं सांस्कृतिक मसलों पर भी, विवेकपूर्ण सुझावों द्वारा विश्व को मार्गदर्शन दिया है।

सचमुच, सन्त पापा का रेडियो सम्पूर्ण विश्व के लिये आदर्श ख्रीस्तीय जीवन की एक झलक प्रस्तुत करता है। वाटिकन रेडियो को सुनने के लिये आप सभी सादर आमंत्रित हैं।


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