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प्रार्थना > 2010-07-07 12:43:24


बुधवारीय-आमदर्शन समारोह के अवसर पर संत पापा बेनेदिक्त सोलहवें का संदेश


रोम, 7 जुलाई, 2010 (सेदोक) बुधवारीय आमदर्शन समारोह में संत पापा बेनेदिक्त सोलहवें ने संत संत पौल षष्टम् सभागार में एकत्रित हज़ारों तीर्थयात्रियों को विभिन्न भाषाओं में सम्बोधित किया। उन्होंने कहा -
प्रिय भाइयो एवं बहनों, आज की धर्मशिक्षामाला में मध्ययुगीन संस्कृति पर चिन्तन करते हुए धन्य जोन डून्स स्कोतुस के जीवन पर चिन्तन करें। जोन डून्स स्कॉटलैंट के निवासी थे। उनकी पढ़ाई-लिखाई ऑक्सफोर्ड, कैम्ब्रिज़ और पारिस विश्वविद्यालयों में पूरी हुई थी।
डून्स काथलिक कलीसिया में अपने तीन विशेष योगदानों के लिये याद किये जाते हैं। पहली, उन्होंने बताया कि येसु का इस दुनिया में आने का आदम के पाप से कोई सीधा संबंध नहीं था लेकिन यह तो ईश्वर की योजना के तहत् ही हुई। इसके अनुसार ईश्वर चाहते थे कि दुनिया की सभी सृष्ट वस्तुएँ येसु मसीह के द्वारा बचायीं जायें और ईश्वर की महिमा करते हुए पूर्णता को प्राप्त करें।
इस तरह से ख्रीस्त पर केन्द्रित व्याख्यान में शब्दधारी येसु विश्व और मानव इतिहास के केन्द्रबिन्दु बन जाते हैं। दूसरी बात जिस पर डून्स ने अपना ध्यान केन्द्रित किया, वह थी - माता मरिया के आदि पाप से रहित होने पर। उनका कहना था कि माता मरिया को ईश्वर की ओर से यह विशेष कृपा मिली थी।
इस तर्क के द्वारा काथलिक कलीसिया को माता मरिया के निष्कलंक आगमन के सिद्धांत को सिद्ध करने में मदद मिली। तीसरी बात जिस पर डून्स ने अपने विचार दिये वह थी मानव की स्वतंत्रता पर । उनके अनुसार मानव स्वतंत्रता को मुख्य रूप से इच्छा पर निर्भर करती है।
उसके ऐसा करने से हालांकि बाद में एक नयी लहर पैदा हुई जिसने सत्य और स्वतंत्रता को अगल-अलग करने का प्रयास किया। आज हम प्रार्थना करें कि धन्य जोन डून्स स्कोतुस की शिक्षा से प्रेरित होकर अपने आप को येसु ख्रीस्त को अर्पित कर ईश्वरीय प्रकाश पा सकें और जीवन की सच्ची खुशी, स्वतंत्रता और पूर्णता प्राप्त कर सकें।
इतना कहकर संत पापा ने अपना संदेश समाप्त किया।
उन्होंने वेल्स, कनाडा, फिलीपींस, आयरलैंड, होली क्रॉस धर्मसमाज के जेनरल चैप्टर के सदस्यों, अमेरिका के तीर्थयात्रियों, उपस्थित लोगों एवं उनके परिवार के सब सदस्यों पर प्रभु येसु की कृपा और शांति का कामना करते हुए कहा की उन्हें अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।
di Justin Tirkey
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